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मनहँग मन हर दवाई ले बढ़िके है!

काल्हि-परौं, ई  खबर तेजी से फैली कि नोबल सम्मानित गाबरियल गार्सिया मार्खेस इसमिरिति लोप की बेरामी कै सिकार  हुअत जात अहैं। ई बात मार्खेस कै भाय बताइन। यहिके पहिलेव मार्खेस के बारे मा अफवाहन के रूप मा खबरै आय चुकी हैं, लेकिन यहि खबर कै सच्चाई यहि बात से होइ सकत है कि ई खबर उनकै भाय खुदै बतावत अहैं। उनके भाय कै यहौ कहब है कि वै हँसत-खेलत सुभाव नाहीं छोड़े अहैं, पहिलेन की नाईं ह्यूमर देखावत अहै।  हम सब मार्खेस के बढ़िया तबियत के ताईं भगवान से बिनती करित है। मार्खेस के कुछ चुनिन्दा कथनन कै अवधी अनुवाद: 

मनहँग मन हर दवाई ले बढ़िके है। 

हमेसा कुछ न कुछ प्यार के हिस्से बचिन जात है।

जौन महसूस करौ तौन कहौ। जौन सोचौ तौन करौ..।

असिल दोस्त ऊ है जे बाँह थाम्हे रहै औ करेज छुये रहै।

मनई कै तीन जिंदगी हुअत है; सबका देखाइ के, निजी बनाइ के, सबसे छुपाइ के।

तोहरे साथ काव बीती, यहिसे ज्यादा अहम यू बात है कि तू जिंदगी मा वहिका केतना औ कैसे सुधियात हौ। 

यू गलत बात है कि मनई बुढ़ाय लागत है तौ खुआबन क लैके उदासीन हुवै लागत है, बलुक यहि खुआबी उदासीनता से मनई बुढ़ाय लागत है।

[ अवधी अनुवाद : अमरेन्द्र ]