Tag Archives: आशीष तिवारी

चला गजोधर भईस चराई!

हमका नयी पीढ़ी के जवानन कै लिखी कविता मिलत है तौ पहिली खुसी यू हुअत है कि नवजवानै अपनी लोकभासा मा लिखत अहैं। तब जबकि सब हिन्दी से हुअत-हुअत अंगरेजी की वारी लपलपात जात अहैं। यही लिहाज से यहि कविता ‘चला गजोधर भईस चराई!’ कै सबसे ज्यादा महत्व यहिके दस्ताबेजी हुवै मा अहै। रीवा जैसे दक्खिनी-अवधी के इलाका कै नवजवान अवधी मा रचनासील अहै। हमार आसीस जी से दरकारि अहै कि यहू से उग्गर-उग्गर कविता लिखैं। : संपादक
_______________________________________________________

कविता : ‘चला गजोधर भईस चराई!’ 

चला गजोधर भईस चराई,
जुग जमाना बदलिगा भाई!

लउँडे घूम रहे लगाये टाई,
पढ़े लिखे सब भईस चरावैं,
अनपढ़ कीन्हे खूब कमाई,
चला गजोधर भईस चराई !!

कलुआ भलुआ बाम्बे सूरत,
हमका तोहका का जरुरत!
खेत बेच के किहन पढ़ाई ,
चला गजोधर भईस चराई!

चालिस जगह दिहन इंटरब्यू ,
हमहू फसे उनके चक्रब्यू!
लगा पाच सौ फाम भराई ,
चला गजोधर भईस चराई!

बोल हाय बाय हमका भेजिस ,
जैसे घरे से कूकुर खेदिस!
कहिस आशीष हम फोन लगाउब ,
जल्दी अच्छी जॉब बताउब!
फोन नहीं किहिस का बताई ,
चला गजोधर भईस चराई!

बईठब बढ़िया चढ़े पेढ़ पर ,
भैसी चरिहीं हरे मेड़ पर!
कड़ी दुपहरी जब होई त ,
भैसी डबहा परि जई भाई ,,
चला गजोधर भईस चराई!

लइके चलब मटिआरे म ,
मजा करब झरिआरे म!
लल्लू झल्लू भईस बहोरिही ,
बल्लू भाई चना उखडिही!
हम करबय खुब चना भुजाई ,
चला गजोधर भईस चराई !
__आशीष तिवारी

ashish tiwari


आशीष तिवारी
, गाँव – अमाव / पोस्ट – अतरैला, १२-चाकघाट / रीवा-मध्य प्रदेश कै रहवैया हुवैं। ई दक्खिनी अवधी कै इलाका आय। इनसे आप 9200573071 पै संपर्क कै सकत हैं।